बिगड़ती अर्थव्यवस्था के बीच वोडाफोन आइडिया, एयरटेल को झटका, दूसरी तिमाही में लगा इतने करोड़ का घाटा

इसके बाद पहली बार आदित्य बिड़ला समूह के अधिकारियों ने कंपनी को दिवालिया घोषित करने के विकल्प पर सार्वजनिक बयान दिया है।


भारत में गिरती अर्थव्यवस्था के बीच वोडाफोन आइडिया और एयरटेल कम्पनियों को बड़ा झटका लगा है। दोनों कंपनियों को चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में करीब 74,000 करोड़ रुपए का का घाटा हुआ है। इसमें वोडाफोन आइडिया ने पुरानी सांविधिक देनदारियों के लिए दूसरी तिमाही में ऊंचे प्रावधान के चलते 50,921 करोड़ रुपए और जबकि भारती एयरटेल ने इसी के चलते 23,045 करोड़ रुपए का नुकसान हो गया है। यह घाटा भारत के कॉर्पोरेट इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा है।

आपको बताते जाए कि इससे पहले टाटा मोटर्स को दिसंबर, 2018 में समाप्त तिमाही के दौरान 26,961 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। वोडाफोन ने कहा कि कारोबार को जारी रखने के लिए अब वह सरकारी राहत पर निर्भर है। कंपनी ने एक बयान में कहा कि एजीआर के मसले पर कोर्ट के आदेश से उद्योग पर खासा असर पड़ रहा है। आदित्य बिड़ला समूह ने कहा था कि अगर सरकार समायोजित सकल राजस्व (AGR) को लेकर 39,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की देनदारी पर बड़ी राहत प्रदान नहीं करती तो वह कंपनी में और निवेश नहीं करेगी। ऐसी स्थिति में वोडाफोन आइडिया दिवालिया हो जाएगी। आपको बताते जाए कि पिछले माह एजीआर पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आया था। इसके बाद पहली बार आदित्य बिड़ला समूह के अधिकारियों ने कंपनी को दिवालिया घोषित करने के विकल्प पर सार्वजनिक बयान दिया है।

वोडाफोन के मुख्य कार्यकारी (CEO) निक रीड ने कहा था कि भारत ‘लंबे समय से बेहद चुनौतीपूर्ण’ बना हुआ है, लेकिन वोडाफोन आइडिया के पास अभी भी 30 करोड़ ग्राहक हैं जो बाजार के आकार के हिसाब से 30 फीसदी हैं। उन्होंने कहा था कि विपरीत नियमों, अत्यधिक करों और उससे भी ज्यादा सुप्रीम कोर्ट के नकारात्मक फैसले के चलते कंपनी पर भारी वित्तीय बोझ है।


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