कॉमेडी से भरपूर आयुष्मान खुराना की फिल्म ड्रीम गर्ल

फिल्म पहले हॉफ में काफी मनोरंजन करती नजर आती है। लेकिन सैकंड हॉफ में निर्देशक की फिल्म में पकड कमजोर हो जाती है।


फिल्म अभिनेता आयुष्मान खुराना आज सबसे अलग हटकर पर फिल्म बनाने के लिए फैमस हो गए हैं। आज उनकी फिल्म देखने के लिए लोगों में काफी उत्साह बना रहता है। आयुष्मान खुराना बरेली की बर्फी, शुभ मंगल सावधान, 'अंधाधुन', बधाई हो और आर्टिकल 15 के बाद अब नई फिल्म ड्रीम गर्ल लेकर आए हैं। कहते हैं अगर किसी से ज्यादा उम्मीदें लगी हो तो बाद में निराशा हाथ लग जाती है। ऐसा ही हुआ है फिल्म ड्रीम गर्ल देखने के बाद । फिल्म के प्रोमो और ट्रेलर देखकर ज्यादा ही उम्मीदें लगा ली थी। इस बार वह फर्स्ट टाइम डायरेक्टर राज शांडिल्य के निर्देशन की ड्रीम गर्ल में नजर आ रहे हैं और यहां भी उन्होंने अपने रोल के साथ एक्सपेरिमेंट किया है और लड़की की आवाज में मनोरंजन भी। फिल्म पहले हॉफ में काफी मनोरंजन करती नजर आती है। लेकिन सैकंड हॉफ में निर्देशक की फिल्म में पकड कमजोर हो जाती है।

फिल्म की कहानी
फिल्म में करमवीर (आयुष्मान खुराना) के बारे में, जो थिएटर के प्ले में सीता और द्रौपदी जैसे किरदारों को निभाता है। करम लड़की की आवाज निकाल सकता है और इसलिए उसे प्ले में लड़कियों के किरदार दिए जाने लग जाते हैं। भाई साहब लड़का सीता मैया के नाम से शहरभर में फेमस हो जाते हैं। करम की जरूरतें उसकी सैलरी से बड़ी हैं और नौकरी उसे मिल नहीं पा रही है तो वो अपने टैलेंट का इस्तेमाल करता है और कॉल सेंटर में काम करने लग जाता है। मगर शर्त यह है कि उसे लड़की की आवाज निकालकर क्लाइंट्स से मीठी-मीठी प्यार भरी बातें करनी होंगी। कर्ज और घर की जरूरतों को ध्यान में रखकर वह पूजा की आवाज बनने को राजी हो जाता है। उसका यह राज उसके दोस्त स्माइली (मनजोत सिंह) के अलावा उसकी मंगेतर माही (नुसरत भरूचा) तक को पता नहीं। कॉल सेंटर में पूजा बनकर प्यार भरी बातें करने वाले करम की आवाज का जादू पुलिस वाले राजपाल (विजय राज ), माही के भाई महेंद्र (अभिषेक बनर्जी), किशोर टोटो (राज भंसाली), रोमा (निधि बिष्ट) और तो और खुद उसके अपने पिता जगजीत सिंह के सिर इस कदर चढ़कर बोलने लगता है कि सभी उसके इश्क में पागल होकर शादी करने को उतावले हो जाते हैं।

क्यों देखें फिल्म
आयुष्मान ने अपने किरदार और आवाज कर जो पकड़ बनाई है वो तारीफ के लायक है। ये फिल्म एक और उदाहरण है कि आयुष्मान कितने टैलेंटेड आर्टिस्ट हैं। फिल्म में उनकी एक्टिंग, कॉमेडी, डांस सब अच्छा है।। पूजा के प्यार में मजनूं बने अन्नू कपूर की कॉमिक टाइमिंग देखने योग्य है। मनजोत सिंह और विजय राज भी हंसाने में पीछे नहीं रहे हैं। अन्य भूमिकाओं में अभिषेक बनर्जी, निधि बिष्ट, राज भंसाली और दादी बनी सीनियार अभिनेत्री ने अच्छा काम किया है। मीत ब्रदर्स के संगीत में 'दिल का टेलिफोन', 'राधे राधे' गाने पसंद किए जा रहे हैं। इनकी कोरियॉग्राफी भी दर्शनीय है।


Registration Login
Sign in with social account
or
Lost your Password?
Registration Login
Sign in with social account
or
A password will be send on your post
Registration Login
Registration
Please Wait While Processing .....
Please Wait While Processing .....