मध्य प्रदेश: सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने कहा- फ्लोर टेस्ट से पहले कराएं उपचुनाव

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में चल रही राजनीतिक रस्साकसी के बीच सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता शिवराज सिंह चौहान (Shivraj singh chauhan) समेत अन्य 9 लोगों की याचिका पर सुनवाई की. सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गए बागी विधायकों के त्यागपत्रों के मामले में जांच की आवश्यकता है.वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से रिक्त विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होने तक शक्ति परीक्षण स्थगित करने की मांग की.

मध्य प्रदेश: सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने कहा- फ्लोर टेस्ट से पहले कराएं उपचुनाव

नई दिल्ली : मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में चल रही राजनीतिक रस्साकसी के बीच सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता शिवराज सिंह चौहान (Shivraj singh chauhan) समेत अन्य 9 लोगों की याचिका पर सुनवाई की. सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा विधानसभा अध्यक्ष को सौंपे गए बागी विधायकों के त्यागपत्रों के मामले में जांच की आवश्यकता है.वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से रिक्त विधानसभा सीटों पर उप चुनाव होने तक शक्ति परीक्षण स्थगित करने की मांग की.
कांग्रेस ने न्यायालय में आरोप लगाया कि मप्र में उसके बागी विधायकों के इस्तीफे बलपूर्वक और डरा धमका कर ले जाए गये हैं और यह उन्होंने स्वेच्छा से ऐसा नहीं किया है.कांग्रेस ने कहा कि बागी विधायकों को भाजपा चार्टर्ड विमानों से ले गयी और उन्हें एक रिजार्ट में रखा गया है. कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि भाजपा नेता होली के दिन अध्यक्ष के आवास पहुंचे और उन्हें बागी 19 विधायकों के इस्तीफे सौंपे, यह इस मामले में उनकी भूमिका दर्शाता है.

वहीं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज चौहान ने सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस की उस याचिका का विरोध किया, जिसमें उसने उप चुनाव तक शक्ति परीक्षण टालने की मांग की है.चौहान ने मध्य प्रदेश विधानसभा में तत्काल शक्ति परीक्षण की मांग करते हुए कहा कि कमलनाथ सरकार एक दिन भी सत्ता में नहीं रह सकती क्योंकि वह बहुमत खो चुकी है।

इससे पहले मध्य प्रदेश के राज्यपाल लाल जी टंडन (Lal ji tondon) की ओर से दो बार सरकार को निर्देश दिया गया कि वह बहुमत का परीक्षण कराए हालांकि कमलनाथ (Kamal nath) सरकार ने 16 विधायकों के कथित तौर पर गायब होने का दावा कर अपने कदम पीछे खींच लिये. इसके बाद राज्य के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और फ्लोर टेस्ट कराये जाने का निर्देश देने की याचिका दायर की. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमंत गुप्ता की पीठ इस पर सुनवाई करेगी.


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