धर्म, आस्था, संगम नगरी कैसे गिनीजमय हो गई? 1 सप्ताह, 3 विश्व रिकॉर्ड

धर्म के साथ-साथ यहां लोग समाजसेवा का भी कार्य कर रहे हैं। हर दिन कोई ना कोई बड़ा इवेंट भी आयोजित किया जा रहा है।


प्रयागराज। प्रयागराज तीर्थ कुंभ 2019 गिनीजमय हो गया है। कुंभ में अब तक 3 गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉड्र्स बन चुके हैं। ये स्वयं भी अपने आप में एक रिकॉर्ड बन चुका है।  ये देश का एकमात्र ऐसा इवेंट रहा जिसमें एक सप्ताह के अंदर चार गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड बनाए गए हैं। प्रयागराज को धर्म की नगरी कहा जाता है। कुंभ के दौरान यहां अभी कुछ दिन पहले यूएन से जुड़े 190 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि भी कुंभ में इसकी भव्यता को देख चुके हैं। धर्म के साथ-साथ यहां लोग समाजसेवा का भी कार्य कर रहे हैं। हर दिन कोई ना कोई बड़ा इवेंट भी आयोजित किया जा रहा है।

10 हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों ने झाडू लगाकर तोड़ा बांग्लादेश का रिकॉर्ड
कुंभ की पांच सडक़ों पर शनिवार को 10 हजार से अधिक सफाई कर्मियों ने झाडू लगाकर महज तीन मिनट में बंग्लादेश के सफाई पर आधारित विश्व रिकार्ड को तोडक़र नया कीर्तिमान रचा। इसी के साथ सफाई में भी कुंभ मेला प्राधिकरण ने गिनीज बुक वल्र्ड रिकार्ड में नाम दर्ज कराने में सफलता हासिल कर ली। इससे पहले यह विश्व रिकार्ड ढाका के नाम था। इसी के साथ कुंभ में विश्व स्तरीय व्यवस्थाओं को लेकर गिनीज बुक में विश्व रिकार्ड की हैट्रिक लग गई।

7664 लोगों ने लगाए हाथ से छापे, बन गई वर्ल्ड रिकॉर्ड वाली पेंटिंग
इसके बाद रविवार को कुंभ में हैंडप्रिंट पेंटिंग में 7664 लोगों ने चित्रकारी करके एक साथ रिकॉर्ड बनाया। लोगों ने आठ घंटे तक लगातार पेंटिंग की। 

503 शटल बसें चली, यूपी, भारत क्या दुनिया देखती रह गई
कुंभ में गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की शुरुआत 503 शटल बसों के संचालन के साथ हुई थी। कुंभ में इतने बड़े पैमाने पर शटल बसों के संचालन को गिनीज बुक ऑफ रिकॉड्र्स में जगह दी गई। 


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