भारतीय सेना एवं उसकी भूमिका विषय पर व्याख्यान आयोजित


 

नेता जी सुभाष चन्द्र बोस जी के जयंती के अवसर पर यूथ इन एक्शन एवं यूथ आफ मेडिकोज के संयुक्त तत्वावधान में आज दिनांक 23 जनवरी 2019 कोकिंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ के कलाम सेन्टर में भारतीय सेना एवं उसकी भूमिका विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया।इस व्याख्यान में मुख्य अतिथि के रुप में लेफ्टिनेंट जनरल ;सेनि दीपेन्द्र सिंह हुड्डा उपस्थित रहे। 
कार्यक्रम संयोजक एवं यूथ इन एक्शन के सचिव डा भूपेन्द्र सिंह ने बताया की परम विशिष्ट सेवा मेडल,अति विशिष्ट सेवा मेडल, विशिष्ट सेवा मेडल, उत्तम युद्ध सेवा मेडल विजेता एवं कारगिल युद्ध के नायक दीपेन्द्र सिंह हुड्डा उस समय विशेष रुप से चर्चा में आए जब उनके नेतृत्व में सेना की उत्तरी कमांड ने पाकिस्तान में घुसकर 2016मे सर्जिकल स्ट्राइक को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।
इस अवसर पर श्री हुड्डा ने नेता जी सुभाष चन्द्र बोस को याद करते हुए सशस्त्र सेनाबलों के शौर्य और सम्मान को याद किया। उन्होंने अपने विचार को फ़ोटो एवं विडियों के माध्यम से लोगों तक रखा और बताया की किस तरह बेहद कठिन परिस्थितियों में हमारे सेना के जवान हमारे देश के हर सरहद पर फिजिकल पेट्रोलिंग करते हैं। चाहे वह जम्मू का दुर्गम वन क्षेत्र हो,पाकिस्तानी आतंकवाद से पीड़ितकश्मीर हो या फिर लद्दाख और सियाचीन का भयानक बर्फीला क्षेत्र हो। उन्होंने कहा की हमारे सेना के जवान चार चार महीने तक केवल 8.10 की संख्या में बिना किसी संचार व्यवस्था के .50 डीग्री तापमान में रहकर तपस्या करते हैं तब जाकर देश की सीमाओं की सुरक्षा होती है। हम सब यहां आराम से सुरक्षित बैठकर यदि सेना का विरोध अपमान भी करते हैं तो वह केवल और केवल सेना के त्याग और बलिदान के कारण।
उन्होंने वहां उपस्थित युवाओं को सेना के सकारात्मक कार्यों एवं हर संकट की परिस्थिति में संकट मोचन की तरह सेना की भूमिका के बारे में भी बताया।
इस अवसर पर कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि एवं यूथ इन एक्शन के राष्ट्रीय संयोजक श्री शतरुद्र प्रताप ने नेता जी के जीवन के मार्मिक प्रसंगों की चर्चा की और बताया की किस तरह से जिन अंग्रेजों ने उनके पढाई पर प्रतिबंध लगाया था उन्हीं के एडमिनिस्ट्रेटिव परीक्षा में उन्होंने देश में चौथा स्थान प्राप्त किया लेकिन फिर भी उन्होंने देश सेवा के लिये उस शानदार नौकरी को लात मार दी और अकेले दम पर न केवल पचास हजार की सेना बनायी बल्कि देश के एक बङे हिस्से को आजाद भी करा लिया। महात्मा गांधी से उनके असहमति का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया की जिस महात्मा गाँधी ने उनके विरोध में कांग्रेस से अध्यक्ष का उम्मीदवार खङा किया और हार का मुंह देखा वहीं महात्मा गाँधी ने 1942 आते आते सुभाष चन्द्र बोस के विचारों को अपना कर ष्करो या मरोष् का नारा गढ़ दिया।
शतरुद्र प्रताप ने युवाओं को सेना से जुङने का भी आह्वाहन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय लखनऊ के कुलपति प्रो एम एल बी भट्ट जी ने किया। उन्होंने बताया की वह भी भारतीय सेना में पांच वर्ष तक कार्यरत रहे इसलिये वह सेना की कठिनाई और परेशानियों को समझते हैं। उन्होंने कहा की नये पीढी को हमारे देश के नायकों को जानने की जरुरत है ताकि वह गलत दशा और दिशा से उबर सकें। उन्होंने कहा कि हमारे देश की सेना एक समर्थ और सक्षम सेना है जो किसी भी स्थिति से निबटने में सक्षम है।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत यूथ आफ मेडिकोज के संरक्षक प्रो संदीप तिवारी ने किया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 भूपेन्द्र सिंह ने किया। इस अवसर पर यूथ इन एक्शन की तरफ से कुलदीप पांडे, राजीव शुक्ला, शिवराम तथा यूथ आफ मेडिकोज की तरफ विवेक सोनी,प्रिंसी चौधरी,अनुराग अग्रवाल,आशुतोष आदि उपस्थित रहें।
इस कार्यक्रम में लखनऊ के विभिन्न प्रोफेशनलकालेजों से लगभग 800 युवाओं ने भाग लिया।

पत्रकार वार्ता
यूथ इन एक्शन की तरफ से आयोजित पत्रकार वार्ता में पत्रकार बन्धुओं के सवालों का जबाब देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल श्री दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा की भारतीय सेना पाकिस्तान के हर हरकत का दस गुना जवाब दे रही है। चाहे शेलिंग का मसला हो या फिर सैनिकों के शहादत का बदला हो सेना के हाथ पुरी तरह खुले हुए हैं। हमारी सेना प्रचार में विश्वास नहीं रखती। सेना के जबाबी कार्यवाईयों से पाकिस्तानी सेना में भय की स्थिति है।
हाल में रिलीज फिल्म ऊरी. सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल का जबाब देते हुए कहा की फिल्म में सारी सच्चाई तो नहीं दिखायी जा सकती क्योंकि यह एक संवेदनशील मसला है। लेकिन उन्होंने कहा की व्यक्तिगत रूप से उन्हें फिल्म बहुत पसंद आयी।
एक अन्य सवाल के जबाब में उन्होंने बताया की देश को नये और अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों की आवश्यकता है। इसलिए रक्षा सौदों को राजनीति से बाहर निकालकर जल्द से जल्द अत्याधुनिक उपकरणों को सेना को मुहैया कराया जाना चाहिए।
इस प्रश्न पर की क्या सेना फिर से सर्जिकल स्ट्राइक कर सकती है के जबाब में उन्होंने बताया की भारतीय सेना एक सक्षम सेना है यदि ऐसी आवश्यकता पङती है तो निश्चित ही इसका पुनः प्रयोग कर सकते हैं लेकिन यह सब  बताकर नहीं किया जाता।
 


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