रेलवे ई-टिकटिंग गिरोह का भंडाफोड़, आतंकी फंडिंग से तार जुड़े होने की आशंका

रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) ने रेलवे की E-Ticket की अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए दलाली का अब तक सबसे बड़ा खुलासा करते हुए देश भर से 27 लोगों को गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पहली गिरफ्तारी 10 दिन पहले बंगलुरू से गुलाम मुस्तफा नाम के शख्स की हुई थी.

रेलवे ई-टिकटिंग गिरोह का भंडाफोड़, आतंकी फंडिंग से तार जुड़े होने की आशंका

नई दिल्ली: रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF) ने रेलवे की E-Ticket की अवैध सॉफ्टवेयर के जरिए दलाली का अब तक सबसे बड़ा खुलासा करते हुए देश भर से 27 लोगों को गिरफ्तार किया है. एक अधिकारी ने बताया कि इस मामले में पहली गिरफ्तारी 10 दिन पहले बंगलुरू से गुलाम मुस्तफा नाम के शख्स की हुई थी. गुलाम मुस्तफा E-Ticket बनाने और कन्फर्म करने वाला सॉफ्टवेयर बेचता था. गिरफ्तारी के बाद जब गुलाम मुस्तफा के लैपटॉप की जांच की गई तो उसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश, मीडिल ईस्ट, इंडोनेशिया और नेपाल तक के लिंक का खुलासा हुआ. इसके साथ ही मुस्तफा के पास से इन देशों के कई नम्बर भी मिले हैं. RPF के साथ गुलाम मुस्तफा की जांच IB और NIA भी कर रही है.

बता दें, गुलाम मुस्तफा झारखंड के गिरिडीह का रहने वाला है. इससे पहले वह बंगलुरू में रेलवे के टिकट ब्लैक में बेचा करता था, बाद में E-Ticket का सॉफ्टवेयर बेचने लगा. हालांकि गुलाम मुस्तफा पढ़ा-लिखा नहीं है, लेकिन कंप्यूटर और हैकिंग करने में एक्सपर्ट है. उसके पास से ANMS सॉफ्टवेयर से IRCTC की 563 आईडी मिली है. बताया गया कि मुस्तफा एक विदेशी नम्बर का प्रयोग करता है और उसी के जरिए वॉट्स एप चैट पर बात करता है. इसके अलावा उसके पास से कॉड वर्ड मैसेज भी मिले हैं. जांच एजेंसी को हैरानी हुई जब उसे पता चला कि मुस्तफा के 2400 बैंक अकॉउंट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में, जबकि 600 अकॉउंट रीजनल बैंकों में हैं. अधिकारी ने बताया कि उसके लैपटॉप और मोबाइल की फोरेंसिक जांच जारी है.


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