प्रकृति का विनाश न रूका तो प्रलय सुनिश्चित है : बाबा हरीषानन्द

देवी महाकाली के आशीर्वाद से करते हैं भविष्यवाणी 

प्रकृति का विनाश न रूका तो प्रलय सुनिश्चित है : बाबा हरीषानन्द

लखनऊ । पूरे देश में आज इस प्रकार खनिज प्राप्त करने के लिए उत्खनन चल रहा है, नदियों के प्रवाह परिवर्तित किये जा रहे हैं, वन सम्पदा लगभग नष्ट हो चुकी है, उसके विकराल परिणाम कभी बेमौसम बरसातों के रूप में सामने आने लगे हैं तो कहीं जंगलों में लगी आग बुझने का नाम नहीं ले रही है। महाकाली के परम भक्त बाबा हरीषानन्द ने प्रकृति में हो रहे इन विनाशकारी परिवर्तनों को आने वाली प्रलय की पूर्व सूचना बताया है। फैजाबाद रोड स्थित अपने आवास के निकट एक आयोजन में पत्रकारों से बात करते उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में हर पर्वत एक देवता है और हर नदी का स्वरूप देवी का है। हर वृक्ष को हमने किसी  देवता से जोड़कर देखा है। बाबा हरीषानन्द ने कहा कि मैं कहने से अंहकार की वृद्धि होती है इसलिए मैं कहने के स्थान पर हम बोलना चाहिए। 

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण पर उठे सवालों का जवाब देते हुए बाबा ने एक भजन गाकर सुनाया जिसका तात्पर्य था कि अयोध्या में राम मंदिर तो मौजूद ही है, अब केवल नवनिर्माण की बात की जानी चाहिए। अगले वर्ष के आम चुनावों में कमल खिलने की बात कहते हुए बाबा ने कहा कि अगर यह भविष्यवाणी झूठी हुई तो वे जलसमाधि ले लेंगे।

दूरदर्शन से सेवानिवृत्त होने के बाद जनकल्याण में जुटे बाबा हरीषानन्द का कहना है कि देश में इस समय अंसल जैसे अवैध बिल्डरों की बाढ़ आई हुई है, जिनके जाल म़ें फँसकर भोले -भाले लोग अपनी गाढ़ी मेहनत की कमाई गवाँ रहे हैं और सरकारें इन पर रोक नहीं लगा पा रही हैं। यह समाज में बढ़ती नास्तिकता और लोभ के कारण हो रहा है, जिसके कारण लोग मानवता को भूलकर पैसे को ही सब कुछ समझने लगे हैं। इस आयोजन में बाबा हरीषानन्द के साथ क्षेत्रीय जनता तथा भक्तजन भी मौजूद रहें।


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