योगी सरकार ने बनाई 20 करोड के खर्च से DNA जांच की 2 बड़ी प्रयोगशालाएं

देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की परेशान हाल पुलिस के दिन अब फिरने वाले हैं।

योगी सरकार ने बनाई 20 करोड के खर्च से DNA जांच की 2 बड़ी प्रयोगशालाएं

लखनऊ। देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश की परेशान हाल पुलिस के दिन अब फिरने वाले हैं। योगी आदित्यनाथ  की सरकार ने जनहित में राज्य पुलिस पर खुलकर खर्च करने की ठानी है। इसी क्रम में सबसे पहले राज्य के दो शहरों में करीब 20 करोड़ रुपए की लागत से डीएनए जांच की दो बड़ी प्रयोगशालाएं खोलने को अंतिम रूप दिया गया है। इसके अलावा निकट भविष्य में जल्द ही राज्य का अपना पुलिस और विधि विज्ञान विश्वविद्यालय भी होगा।

इतना ही नहीं, सरकार ने उत्तर-प्रदेश पीएसी में पहली बार तीन महिला बटालियन बनाने की प्रक्रिया को भी अमली जामा पहना दिया है। पीएसी की इन तीन बटालियनों के विधिपूर्वक गठित होते ही तीन हजार महिला पुलिस-कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया जोर-शोर से शुरू हो जाएगी। सूबे के पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने बताया कि इन तीनों ही योजनाओं पर दिन-रात काम चल रहा है। राज्य में फिलहाल दो स्थानों पर डीएनए प्रयोगशाला बनाई जा रही है। पहली बनारस में और दूसरी आगरा में। एक प्रयोगशाला के निर्माण पर लगभग 10 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

इतने बड़े राज्य में सिर्फ दो डीएनए प्रयोगशाला, वह भी एक बनारस में दूसरी आगरा में, दोनों के बीच इतनी दूरी आखिर क्यों? कभी केंद्रीय औद्योगिक बल के महानिदेशक रह चुके सिंह ने बताया कि आबादी के नजरिए से उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है, पुलिस बल की तादाद भी काफी है। डीएनए प्रयोगशाला की जरूरत पूरे सूबे की पुलिस को है। लिहाजा, इसका फायदा शुरुआती दौर में पूरे राज्य की पुलिस को मिल जाए, ताकि राज्य में सजा का प्रतिशत बढ़ाया जा सके। साथ ही एक डीएनए प्रयोगशाला पश्चिमी उत्तर प्रदेश (आगरा), जबकि दूसरी पूर्वी उत्तर प्रदेश (बनारस) के पुलिसकर्मियों के लिए मददगार साबित हो सके। इस बात को ध्यान में रखकर ऐसा किया गया है।

पुलिस महानिदेशक के अनुसार, दोनों प्रयोगशालाएं (डीएनए) 2019 के अंत तक काम करने लगेंगी। इन दोनों डीएनए प्रयोगशालाओं में जांच की अन्य सुविधाएं, मसलन फॉरेंसिक साइंस इत्यादि भी उपलब्ध होंगी?

सिंह ने कहा कि जी हां। हमारी हरसंभव कोशिश होगी कि काफी कुछ विधि-विज्ञान संबंधी जांच की सुविधाएं एक ही छत के नीचे मुहैया करवाई जाए, ताकि पुलिसकर्मियों का श्रम-समय और सरकारी धन तीनों को बचाया जा सके।

उल्लेखनीय है कि देश में फिलहाल गुजरात इकलौता ऐसा राज्य है, जहां की पुलिस के पास अपनी डीएनए और विधि-विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिंक साइंस लैबोरेट्री) है। बनारस और आगरा में दो अलग-अलग डीएनए और फॉरेंसिंक साइंस प्रयोगशालाएं खुलने के साथ ही उत्तर प्रदेश देश का पहला दो डीएनए प्रयोगशाला वाला राज्य बन जाएगा।

सिंह ने राज्य में दो डीएनए प्रयोगशालाएं खुलने अन्य लाभ गिनाए, "डीएनए और विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं खुलने से खासकर पॉक्सो एक्ट के तहत अदालतों में लंबे समय से विचाराधीन मामलों में सजा का अनुपात एकदम ऊंचाई पर पहुंचने की उम्मीद है।

राज्य सरकार ने पुलिस उत्थान के क्रम में ही सूबे में पहली बार पीएसी जैसे राज्य के मजबूत बल की तीन महिला बटालियन बनाने को मंजूरी दे दी है। मंजूरी क्या, समझिए यह काम भी अंतिम चरण में है।

उन्होंने बताया कि पीएसी में तीन महिला बटालियन के गठन पर करीब डेढ़ अरब रुपए (150 करोड़ रुपए) लागत का अनुमान है। प्रति बटालियन एक हजार के हिसाब से तीन बटालियन में करीब तीन हजार महिला पुलिसकर्मियों (पीएसी में) के नए पद भी राज्य की सरकारी सेवा के लिए सृजित किए जाएंगे।
 


Registration Login
Sign in with social account
or
Lost your Password?
Registration Login
Sign in with social account
or
A password will be send on your post
Registration Login
Registration
Please Wait While Processing .....
Please Wait While Processing .....